teachers day speech in hindi

Teachers day speech in hindi 2021 : शिक्षक दिवस पर भाषण

शिक्षक दिवस पर भाषण teachers day speech in hindi 2021 : नमस्कार विद्यार्थी मित्रों ! क्या आपको पता है शिक्षक दिवस कब मनाया जाता हैं ? और शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता हैं? यदि नहीं ! तो इस आर्टिकल को सुरु से अंत तक पढ़िए आज के इस पोस्ट में हमने आपके लिए शिक्षक दिवस पर भाषण teachers day speech in hindi को लिखा हैं।

आप सभी को अलग से बताने कि आवश्यकता नहीं कि शिक्षक / अध्यापक हमारे जीवन में कितना महत्व रखते हैं। वहीं वह इंसान होते हैं जो हमारे जीवन को सही रूप से आकार देकर हमें काबिल इंसान बनाते हैं। वह हमारा और हमारे देश का उज्वल भविष्य निर्माण करने के लिए अथक प्रयास करते हैं। इसलिए उनको धन्यवाद देना और उनके कार्यों की प्रशंसा करना हमारा कर्तव्य है।

इसलिए पूरे भारत देश में 5 सितम्बर यह दिन शिक्षक दिवस की तौर पर मनाया जाता हैं। यदि आप शिक्षक दिवस पर भाषण teachers day speech in hindi की खोज में यहां तक आए हैं तो आपको इस आर्टिकल में शिक्षक दिवस पर भाषण 10 लाइनों में, 100 शब्दों में, 300 शब्दों में और 500 शब्दों में मिलेगा।

Teachers day speech in hindi 2021 : शिक्षक दिवस पर भाषण

शिक्षक दिवस पर 10 लाइनों में भाषण । 10 lines on teachers day in hindi for kids

  1. 5 सितम्बर यह दिन हर साल पूरे हिन्दुस्तान में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।
  2. यह दिन स्वतंत्र भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन भी है। इसलिए 5 सितम्बर यह दिवस डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के साथ शिक्षक दिवस की रूप में भी मनाया जाता हैं।
  3. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक राजनैतिक और विद्वान शिक्षक थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनका बहुत बड़ा योगदान हैं। इसलिए उनका जन्मदिन शिक्षक दिवस की रूप में मनाया जाता हैं।
  4. यह दिन सभी छात्रों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन सभी छात्र अपने प्रिय शिक्षकों को धन्यवाद देते हैं।
  5. माता पिता के बाद शिक्षक ही एक ऐसी सक्सियत होती हैं जो देश के हर छात्र के जीवन को आकार देता हैं।
  6. शिक्षक ही हमें अच्छे संस्कार देकर हमे अच्छी आदते लगाते हैं।
  7. शिक्षकों का हर छात्र के जीवन को सार्थक बनाने में बहुत बड़ा योगदान होता हैं। इसलिए छात्र जीवन में ऊंची ऊंची मंजिले हासिल कर पाता है।
  8. भारत देश में पहिला शिक्षक दिवस 5 सितम्बर 1962 को मनाया गया था।
  9. शिक्षकों को हमे हमेशा सम्मान देना चाहिए और उनके आज्ञा का पालन करना चाहिए।
  10. में एक छात्र के रूप में, हमेशा मेरे शिक्षकों और गुरुजनों का आभारी रहूंगा। में उनके उपकार को कभी नहीं भूलूंगा।

शिक्षक दिवस पर भाषण 100 शब्दों में | teachers day speech in hindi in 100 words

आज के कार्यक्रम के अध्यक्ष, प्रमुख अतिथि, आदरणीय शिक्षक और यहां पर उपस्थित सभी मेरे प्रिय भाई और बहनों आप सभी को सुप्रभात। हर साल की तरह इस साल भी हम यहां 5 सितम्बर मतलब शिक्षक दिवस मनाने के लिए उपस्थित हुए हैं।

आज का दिन शिक्षक दिन के अलावा डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती की तौर पर भी मनाया जाता हैं। हालांकि इसी दिन 5 सितम्बर को स्वतंत्र भारत देश के पहले उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ है। उनका जन्मदिन ही शिक्षक दिवस की रूप में मनाया जाता हैं।

आज का दिन सभी शिक्षकों का सम्मान करने के लिए मनाया जाता हैं। इस दिन सभी छात्र अपने प्रिय शिक्षकों को धन्यवाद देकर उनकी प्रशंसा करते हैं। शिक्षक छात्र और देश के हित में अपनी जिंदगी जीते हैं। वह सभी छात्रों पर अच्छे संस्कार करते, अच्छी आदतें लगाते हैं। उनकी वजह से ही हर छात्र देश के एक आदर्श नागरिक के रूप में तैयार होता हैं। में एक छात्र की रूप में हमेशा अपने शिक्षकों का और गुरुजनों का आभारी रहूंगा।

मुझे शिक्षक दिवस की इस महत्वपूर्ण अवसर आपके सामने बात रखनी की अनुमति दी इसलिए में आप सभी को धन्यवाद देता हूं और मेरे शिक्षक दिवस पर विचारों को विराम देता हूं, धन्यवाद…।

|| भारत माता कि….जय ! ||

शिक्षक दिवस पर भाषण 300 शब्दों में | teachers day speech in hindi in 300 words

आदरणीय प्रमुख अतिथि, प्रेरणादाई शिक्षक गण, अभिभावकों और मेरे प्यारे भाई और बहनों आप सभी को सुप्रभात ! सबसे पहले में अपने कक्षा के अध्यापकों को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने मुझे आज के इस पवित्र अवसर पर अपने विचार रखने की अनुमति दी। आप सभी को पता ही होगा कि हम यहां पर शिक्षक दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।

वास्तव में यह दिवस सभी छात्रों के लिए बेहद ही महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन सभी छात्र अपने शिक्षकों और गुरुजनों को तहे दिल से धन्यवाद देते है। यह शिक्षक दिवस सभी छात्रों के लिए बेहद ही गर्व और सम्मान का दिन है।

हर साल भारत देश में 5 सितम्बर यह दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। हालाकि 5 सितम्बर यह दिन डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। लेकिन इनका जन्मदिवस शिक्षक दिवस की तौर पर क्यों मनाया जाता हैं?

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन पेशे से एक शिक्षक थे। उन्होंने अपने 40 वर्षों से ज्यादा जिंदगी बच्चों को पढ़ाने में शिक्षा के क्षेत्र में व्यतीत की है। वह हमेशा ही शिक्षा की क्षेत्र के साथ जुड़े रहते थे। उनका शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दिया है। वह अपने सभी छात्रों की प्यार और मित्रता से पढ़ाने में रुचि रखते थे।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक विद्वान और राजनैतिक व्यक्तित्व थे। वह स्वतंत्र देश के पहले उप राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति भी रह चुके थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया है। एक दिन उनके कुछ छात्रों ने उनके पास जाकर उनका जन्मदिन पूरे हिन्दुस्तान में बड़े धूमधाम से मनाया जाने की इच्छा व्यक्त की।

पर उन्होंने कहा मेरा व्यक्तिगत जन्मदिन मनाया जाने की वजह अगर यही दिन एक शिक्षक दिवस की तौर पर मनाया जाए तो मेरे लिए वह गर्व की बात होगी। तबसे हर साल 5 सितम्बर यह दिवस शिक्षक दिवस की तौर पर मनाया जाता हैं। भारत देश में पहला शिक्षक दिन 5 सितम्बर 1962 को मनाया गया था।

शिक्षक छात्र और शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाते हैं। वह अपने छात्रों को अपने बच्चे की तरह प्यार से पढ़ाते हैं। सही समय पर बच्चों को अनुशासित भी करते हैं। कयोंकि अच्छी आदतें अच्छे संस्कार के लिए अनुशासन करना भी जरूरी होता है।

शिक्षक छात्रों को जिंदगी की सभी समस्याओं के साथ लड़ने के लिए हिम्मत देते है। शिक्षक ही कई छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं। वह बच्चों को शिक्षा के प्रति हमेशा प्रेरित करते रहते हैं। उनकी वजह से ही छात्र जीवन में बड़ी बड़ी ऊंचाई को छू पाते हैं, जीवन में अपने मुकाम हासिल कर पाते हैं।

देश के विकास में भी शिक्षा का बहुत महत्व है। एक शिक्षित नागरिक ही देश के विकास में अपना योगदान दें पाता है। इसलिए हमारा और हमारे देश का विकास करने में शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान हैं। इसलिए हमेशा हमे उनका सम्मान करना चाहिए, उनकी द्वारा दी गई आज्ञाओं का सही रूप से पालन करना चाहिए। यही हमारे लिए सबसे बड़ी गुरुभक्ति हैं।

दोस्तों अंत में आप सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाए देता हूं, और मेरे विचारों को समाप्त करता हूं, धन्यवाद…!

शिक्षक दिवस पर भाषण 500 शब्दों में | teachers day speech in hindi in 500 words

सबसे पहले यहां पर उपस्थित सभी दिग्गजों को और शिक्षक यवं शिक्षिकावों को मेरा प्यार भरा प्रणाम और सभी को मेरी तरफ से शिक्षक दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाईयां। आज हम सभी यहां शिक्षक दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। आज यह दिन 5 सितम्बर पूरे हिन्दुस्तान में शिक्षक दिवस की तौर पर बडेहि धूमधाम से मनाया जाता हैं।

आज के दिन सभी आज्ञाकारी विद्यार्थी अपने शिक्षकों को धन्यवाद देते हैं। आज का दिन सभी छात्रों के लिए बेहद ही खास होता है क्योंकि इसी दिन वह अपने प्रिय शिक्षकों को धन्यवाद देते हैं और उनकी ढेर सारी प्रशंसा भी करते हैं जिन्होंने उन्हें समाज का एक काबिल इंसान बनाया।

सभी के जीवन में शिक्षक एक बेहद ही अहम भूमिका निभाते हैं। जबकि माता – पिता बच्चों को जन्म देते है लेकिन उन्हें अच्छी आदतें, अच्छे संस्कार और सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा उन्हे उनके शिक्षकों द्वारा ही प्राप्त होती है। इसलिए कई बार शिक्षकों को अभिभावकों के उपर का दर्जा दिया जाता हैं और वह उसके काबिल भी हैं।

क्योंकि एक अच्छा शिक्षक ही अपने छात्रों के जीवन को आकार देता हैं, उन्हें समाज का एक काबिल और कारगर नागरिक बनाता हैं। शिक्षक अपने छात्रों को शिक्षित करने के लिए अथक परिश्रम लेते हैं, उनकी वजह से ही छात्र उनकी आगामी जिंदगी में ऊंची ऊंची मंजिले हासिल कर पाते हैं।

शिक्षकों का सभी बच्चों पर बेहद बड़ा एहसान होता हैं, पर वह इस चीज को कभी भी नहीं जताते। वह सभी छात्रों को समान शिक्षा प्रदान करते है, किसी के भी साथ भेदभाव नहीं करते। उन्हे सभी छात्र अपने खुद के बच्चों की तरह प्यारे होते हैं।

इसलिए वह सभी छात्रों को अच्छी आदतें, अच्छे संस्कार और शिक्षा प्रदान करते हैं ताकि वह अपने भविष्य में खुदका, अपने माता पिता का और अपने देश का नाम ऊंचा कर सके। पर वह इस बात में कबिभी अपना स्वार्थ नहीं जताते, यहीं तो उनका सबसे अच्छा गुण हैं।

शिक्षक सभी छात्रों के जीवन को आकार देने के लिए और उन्हें समाज का आदर्श नागरिक बनाने के लिए सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। उनका कार्य बेहद ही महान और अद्भुत है। इसलिए हम सभी छात्रों का यह कर्तव्य बनता हैं कि हम उन्हे इस बात के लिए धन्यवाद दे और उनकी कार्यों की प्रशंसा करें।

यह बात उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा टोफा होगा। आपकी प्रशंसा सुनकर सबसे पहले तो उनकी आंखे खुशी से भर जाएंगे और वह अपने जीवन को सार्थक महसूस करेंगे। इस दिन उनको जो खुशी मिलेगी उस खुशी की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती !

इसलिए हर वर्ष पूरे हिन्दुस्तान में 5 सितम्बर यह दिन शिक्षक दिवस की तौर पर मनाया जाता हैं। इसी दिन देश के सभी आज्ञाकारी छात्र अपने शिक्षकों और गुरुजनों के प्रति आदर और सम्मान जताते हैं। अपने सभी प्रिय शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाए देकर उन्हे धन्यवाद देते हैं। कई छात्र तो अपने प्रिय शिक्षकों को उपहार और तोफे भी देते है। आपको भी आपके शिक्षकों को धन्यवाद कहकर उनके प्रति आदर और सम्मान जताना चाहिए तभी जाकर हमने जो शिक्षा प्राप्त की है उसे अर्थ मिल सकता हैं।

में अंत में मेरे सभी शिक्षकों एंव गुरुजनों को धन्यवाद देना चाहता हूं, क्योंकि आज में जो हूं वह सिर्फ उनकी वजह से हूं, उनकी वजह से ही में समाज में एक सम्मान से जिंदगी जी पा रहा हैं। वह मेरे लिए भगवान हैं ! इतना कहकर में अपने विचारों को समाप्त करता हूं, धन्यवाद…!!!

|| जय हिंद !… जय भारत ! ||

टिप : दोस्तों ! आज के इस आर्टिकल में हमने आपको शिक्षक दिवस पर भाषण teachers day speech in hindi इस विषय पर अलग अलग शब्दों में चार भाषण लिखकर दिए हैं। यह शिक्षक दिवस पर भाषण teachers day speech in hindi को आप डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर भाषण के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

मुझे पूरा विश्वास है कि आपको शिक्षक दिवस पर भाषण teacher’s day speech in hindi यह बेहद पसंद आएगा। आपको यह शिक्षक दिन पर भाषण कैसा लगा कॉमेंट करके जरूर बताइए, धन्यवाद…!

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