holi essay in hindi

Best Holi essay in hindi 2021 : होली पर निबंध | मेरा प्रिय त्योहार होली पर निबंध

होली पर निबंध holi essay in hindi 2021 : नमस्कार विद्यार्थी मित्रों ! होली हमारे देश में मनाया जाने वाला सबसे प्रसिद्ध त्योहार है। यह त्योहार भारत देश में मनाया जाने वाले कुछ मुख्य त्योहारों में से एक है। होली (holi essay in hindi) यह त्योहार लगभग सभ सभी को पसंद होता है।

स्कूल और कॉलजों में कई बार होली पर निबंध, मेरा प्रिय त्योहार होली पर निबंध (holi essay in hindi) लिखने के लिए कहा जाता है। कई सारी निबंध की प्रतियोगिताओं में भी होली पर निबंध पूछा जाता है। इसलिए हमने आपके लिए होली पर निबंध १० लाइनों में, १०० शब्दों में, ३०० शब्दों में और ५०० शब्दों में लिखा है। इस निबंध को आप मेरा प्रिय त्योहार होली पर निबंध के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

Holi essay in hindi 2021 | होली पर निबंध | मेरा प्रिय त्योहार होली पर निबंध

होली पर दस लाइनों में निबंध | 10 lines on holi festival in hindi

  1. भारत देश में मनाया जाने वाला होली एक प्रमुख त्योहार है।
  2. यह त्योहार हर साल फाल्गुन मास की पोर्णिमा को मनाया जाता है।
  3. होली के पहिले दिन होलिका दहन किया जाता है और दूसरे दिन धूलिवंदन होता है।
  4. होली की दिन लोग होलिका को जलाकर होलिका दहन करते हैं और इसके अलावा वे अपने बुरे कर्मो को भी होली में दहन करते है।
  5. होली के दिन सभी के घरों में मीठे मीठे पकवान बनाए जाते हैं। महाराष्ट्र में इस त्योहार के दिन प्रसिद्ध पुरन पोली और श्रीखंड पूरी बनाई जाती।
  6. यह त्योहार भारत के सभी राज्यों में बेहद ही धूमधाम से मनाया जाता है।
  7. ब्रिज की होली, वृंदावन की होली, मथुरा की होली देश में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है।
  8. बुराई पर अच्छाई कि जीत ” यह सीख हमे होली त्योहार से मिलती हैं ।
  9. होली के दिन लोग भांग और ठंडाई पीकर खूब मौज मस्ती करते हैं।
  10. इस त्योहार को “रंगों का त्योहार” भी कहा जाता हैं। मुझे होली यह त्योहार बेहद पसंद हैं।

होली पर निबंध 100 शब्दों में | Holi essay in hindi in 100 words

होली मेरा सबसे प्रिय त्योहार है। यह त्योहार पूरे भारत देश में भाईचारे के साथ खूब धूमधाम से मानते है। लोग इस दिन आपस में मिलकर होली मनाते है और अपने प्रियजनों को अबीर, गुलाल और रंग लगाते हैं। यह त्योहार हमे ” बुराई पर अच्छाई की जीत ” यह संदेश देता हैं।

होली त्योहार फाल्गुन मास शुक्ल पोर्णिमा को मनाया जाता है। इन दिनों भारत देश में वसंत ऋतु का आगमन होता है। सभी जगह हरियाली छा जाती हैं, पेड़ पौधे रंगीबेरांगी फूलों से जगमगा उटते हैं। इन दिनों होली त्योहार लोगो के हर्ष और उत्साह को और भी बढ़ाता है।

इस दिन होलिका दहन किया जाता है। होली के साथ लोग अपने बुरे कर्मो को भी जलाते है। इस दिन सभी के घरों में पकवान और व्यंजन बनाए जाते हैं। होली का दूसरा दिन धूलिवंदन होता है। इस दिन बच्चे पिचकारी और गुब्बारे से रंग उड़ाते है। यह त्योहार बच्चो का सबसे पसंदीदा त्योहार है। मुझे भी होली यह त्योहार बेहद पसंद है

मेरा प्रिय त्योहार होली पर निबंध 300 शब्दों में | Holi essay in hindi in 300 words

होली भारत देश का प्रमुख उत्सव है। इस दिन होलिका का दहन किया जाता है इसलिए इस त्योहार को “होलिका दहन” के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार हमेशा अच्छाई की जीत होती है यह सीख हमे देता है। इस दिन भारत के सभी लोग आपसी भेद भूलकर भाईचारे के साथ होली त्योहार मानते है।

यह त्योहार महाराष्ट्र में दो दिन तक मनाया जाता है। पहले दिन होलिका दहन किया जाता है। इस दिन सभी के घरों में कई सारे पकवान और मिठाइयां बनाई जाती हैं। महाराष्ट्र राज्य में पुरण पोली और श्रीखंड पूरी का भोजन किया जाता है।

होली के पहले दिन शाम को गांव के सभी लोग आपस में जुट जाते है और होली उत्सव की तयारी करते है। होलिका दहन करने के लिए लकड़ी, घास और गोबर का ढेर कि होली रची जाती है। लोग आपस में गले मिलते हैं और एक दूसरों को अबीर और गुलाल लगाकर आनंद व्यक्त करते हैं।

सभी लोग होली को नैवेद्य चड़ाकर होली की पूजा करते है। अपने बुरे कर्मो को होली में दहन करते है और हमेशा सच्चाई कि राह पर चलने कि कसम खाते है। होली जलाकर बुराई का नाश करते हैं। इस दिन कई राज्यों में बोंब मारने की भी प्रथा है। इसमें लोग गालियां देते हैं।

होली के दूसरे दिन धूलिवंदन होता है। यह त्योहार बच्चो का सबसे प्रिय त्योहार है। इस दिन लोग भाईचारे के साथ एक दूसरे को अबीर गुलाल और रंग लगाते है। बच्चे इस दिन बहुत मोज करते हैं। पहले दिन ही पिचकारी और गुब्बारे खरीदकर लाते हैं और पिचकारी और गुब्बारे के साथ सब पर रंग उड़ाते हैं।

इस त्योहार के दिन लोग सफेद कपड़े पहनना पसंद करते है। यह त्योहार सभी को बेहद ही भाता है, लोग इस त्योहार के दिन बहुत मोज मस्ती करते हैं। मुझे होली यह त्योहार बेहद प्रिय है।

होली पर निबंध 500 शब्दों में | Holi essay in hindi in 500 words

होली भारत देश में मनाया जाने वाला हिन्दुओं का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है। यह त्योहार पूरे भारत देश में बेहद ही धूम धाम से मनाया जाता है और इस त्योहार को मनाने के पीछे कई सारी धार्मिक कथाएं भी प्रचलित हैं। यह त्योहार हर साल में फाल्गुन माह के पोर्णिमा को मनाया जाता है।

महाराष्ट्र में इस त्योहार को बेहद ज्यादा महत्व है। महाराष्ट्र में इसे “शिमगा” नाम से जाना जाता है। यह त्योहार भारत के अलग अलग राज्यों में अलग अलग नामों से और रीतिरिवाज़ों के साथ मनाया जाता है। ब्रिज की होली, वृंदावन की होली, मथुरा की होली, आयोद्या की होली देश में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं। ब्रिजवासी और वृंदावन वासी लगभग पंधरा दिन तक होली का उत्सव मनाते है।

होली की दिन सभी के घरों में दाल भाटी, गुलाब जामुन, रसगुल्ले जैसे कई पकवान बनाए जाते है। लोग आपसी मतभेद भूलकर गले मिलते है, एक दूसरे को होली कि शुभकामनाए देते है और रंग लगाकर मौज करते है। इस दिन अपने रिश्तेदारों और मित्रों को मीठे पकवान खाने के लिए घर बुलाया जाता है।

होली का त्योहार मुख्य दो तीन दिन तक मनाया जाता है। कई राज्यों में जैसे की मथुरा और वृंदावन शहरों में यह त्योहार लगभग दस – पंधरा दिन तक मनाया जाता है। पहले दिन शाम को होली का दहन किया जाता है और दूसरे दिन धूलिवंदन होता है।

होली के दिन लोग सुबह प्रातःकाल में उठते है और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के घर उन्हे रंग लगाने जाते है। इस दिन लोग आपसी मतभेद भुलाकर साथ में होली मानते है, होली की शुभकामनाएं देते हैं, रंगों से अपने प्रिय जनों को रंगाते है। इस दिन कई राज्यों में पारंपरिक पोशाक परिधान किया जाता है, ढोलक और मृदंग के साथ लोग पारम्परिक रूप से नृत्य और गायन करते है। यह उत्सव देखना बेहद ही मनोभवाक होता है।

पहाड़ी और रूरल एरिया में रहने वाले आदिवासी लोग भी होली त्योहार को बेहद ही आकर्षक तरीके से मनाते हैं। पारंपरिक पोशाक पहनकर अंगो पर सुबक नक्षिकाम करते हुऐ नृत्य और गायन करते है। इस उत्सव से आदिवासी लोगों का जीवन परिचय और उनकी संस्कृति का दर्शन घड़ता है।

होली का त्योहार मनाने के पीछे कुछ संकृतिक और धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप नाम का एक दृष्ट राजा था जो भगवान और देवों के विरुद्ध था। वह खुद को ही भगवान मानता था लेकिन उसकी राज्य कोई भगवान का नाम ले उसे कदापि पसंद नहीं था। जो भी भगवान नाम लेता तो वह दृष्ट उसे मार डालता। इस वजह से उसकी राज्य में सभी जनता उस दृष्ट राजा के कारण भयभीत थी।

हिरण्यकश्यप का प्रल्हाद नाम का एक लड़का था जो भगवान विष्णु का भक्त था और हमेशा भगवान विष्णु का नाम जपता था। राजा ने उसे कई बार समझाया लेकिन वह नहीं माना इसलिए राजा ने उसे मार डालने का तय किया। उसने अपनी बहन होलिका को प्रल्हाद को मारने के लिए कहा।

होलिका को आग में न जलने का वरदान प्राप्त था। इसलिए होलिका भक्त प्रल्हाद को लेकर अग्नि में बैठ गई लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रल्हाद को कुछ भी नहीं हुआ बल्कि होलिका अग्नि में भस्म हो गई। तब से होली यह त्योहार मनाया जाता है। यह कथा हमे “बुराई पर अच्छाई कि जीत” का संदेश देती है।

टिप : दोस्तों आज कि इस पोस्ट में हमने आपको होली पर निबंध (holi essay in hindi), मेरा प्रिय त्योहार होली पर निबंध, होलिका दहन पर निबंध लिखा है। यह निबंध आपको बेहद पसंद आएगा यह उम्मीद है।

होली पर निबंध holi essay in hindi यह निबंध आपको कैसा लगा हमे कॉमेंट करके जरूर बताइए। यह निबंध सभी छात्रों के लिए काफी फायदेमंद है। इसे हमने होली पर निबंध १० लाइनों में, १०० शब्दों में, ३०० शब्दों में और ५०० शब्दों में लिखा है।

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